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Nishat Bagh terraces descend toward Dal Lake, with the Zabarwan Mountains behind
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निशात बाग और शालीमार बाग: श्रीनगर के मुगल उद्यानों की सैर

को प्रकाशित3 मिनट में पढ़ें

Tamsin Reed द्वारा

निशात बाग और शालीमार बाग श्रीनगर में डल झील के पूर्वी किनारे पर बने ऐतिहासिक मुगल उद्यान हैं। निशात अपनी बारह छतों और पहाड़ों व झील के नज़ारों के लिए जाना जाता है, जबकि शालीमार में बीच की जलधारा के आसपास तीन छतें बनी हैं।

दोनों उद्यानों की सैर में आप उनकी अलग-अलग बनावट देख सकते हैं और उन्हें श्रीनगर की एक दिन की यात्रा योजना में शामिल कर सकते हैं। हालांकि, ज़िला प्रशासन ने इनके बीच आने-जाने का कोई आधिकारिक मार्ग नहीं बताया है।

  • निशात बाग: डल झील के पूर्वी किनारे पर बना सीढ़ीदार उद्यान, जिसके पीछे ज़बरवान पर्वत हैं।
  • शालीमार बाग: डल झील के उत्तर-पूर्वी किनारे पर बना सार्वजनिक उद्यान, जो तीन छतों में फैला है।
  • खुलने का समय: निशात बाग के प्रकाशित समय 9:00 AM से 7:00 PM तक हैं।
  • कैसे पहुँचें: ज़िला प्रशासन के अनुसार, डल झील से शिकारे से भी निशात बाग पहुँचा जा सकता है।
दोनों उद्यानों में क्या अंतर है

दोनों उद्यानों में क्या अंतर है

निशात बाग की पहचान उसकी बारह छतें हैं, जबकि शालीमार बाग की तीन छतें बीच की जलधारा के साथ बनी हैं। दोनों डल झील के पूर्वी किनारे पर स्थित हैं, लेकिन उनकी बनावट हर उद्यान को अलग रूप देती है।

आसिफ़ ख़ान ने 1633 में निशात बाग की रूपरेखा बनाई और इसे बनवाया। वह नूरजहाँ के बड़े भाई थे। इसकी बारह छतें बारह राशियों का प्रतीक हैं। उद्यान सार्वजनिक और निजी हिस्सों में बँटा है, जिनमें ज़नाना भी शामिल है।

शालीमार बाग का इतिहास मुगल शाही जीवन से जुड़ा है। सम्राट जहाँगीर ने 1619 में नूरजहाँ के लिए इस उद्यान का विस्तार करवाया और इसका नाम फ़रह बख़्श रखा। 1630 में शाहजहाँ ने इसमें और विस्तार करवाने का आदेश दिया, जिसके बाद इसका नाम फ़ैज़ बख़्श रखा गया। अब यह एक सार्वजनिक उद्यान है।

निशात बाग: छतें और झील के नज़ारे

निशात बाग: छतें और झील के नज़ारे

शालीमार बाग: बनावट और ऐतिहासिक विशेषताएँ

शालीमार बाग: बनावट और ऐतिहासिक विशेषताएँ

शालीमार बाग की बनावट शाह नहर के इर्द-गिर्द है। यह बीच की सीधी जलधारा इसकी तीनों छतों से होकर गुज़रती है। उद्यान 12.4 हेक्टेयर में फैला है और इसकी मुख्य धुरी के साथ लंबाई 587 मीटर तथा कुल चौड़ाई 251 मीटर है।

यहाँ की ऐतिहासिक विशेषताओं में दीवान-ए-आम, दीवान-ए-ख़ास और ज़नाना उद्यान शामिल हैं। ज़िला प्रशासन के अनुसार, पूरे उद्यान में 410 फव्वारे हैं। जलधारा, छतें और ऐतिहासिक हिस्से मिलकर शालीमार की बनावट को निशात की बारह सीढ़ीदार सतहों से अलग बनाते हैं।

एक ही सैर में दोनों उद्यान

एक ही सैर में दोनों उद्यान

आप दोनों उद्यानों को एक ही सैर में शामिल कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि ज़िला प्रशासन ने इनके बीच आने-जाने का कोई आधिकारिक मार्ग नहीं बताया है। निशात बाग के लिए प्रशासन के दिशा-निर्देश लाल चौक से शुरू होते हैं, जबकि शालीमार बाग के पृष्ठ पर निशात बाग को पास का झील-किनारे वाला उद्यान बताया गया है।

होटल मेरिडियन शहर के केंद्र में स्थित श्रीनगर का होटल है। बागों की सैर की योजना बनाते हुए आप शहर को अपने शुरुआती पड़ाव के तौर पर चुन सकते हैं।

निशात बाग तक झील के रास्ते पहुँचने के लिए, ज़िला प्रशासन के अनुसार शिकारे से जाना संभव है।

प्रवेश, समय और मौसम के अनुसार पहुँच

निशात बाग के प्रकाशित समय 9:00 AM से 7:00 PM तक हैं। जाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी देख लें।

श्रीनगर के मौसम का असर बागों की सैर पर पड़ता है। इसलिए आप इस श्रीनगर के बागों और त्योहारों की मौसमी मार्गदर्शिका की मदद से अपनी सैर को शहर की बड़ी यात्रा योजना में शामिल कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

निशात बाग में कितनी छतें हैं?

निशात बाग में बारह छतें हैं, जो बारह राशियों का प्रतीक हैं। उद्यान में सार्वजनिक और निजी हिस्से भी हैं, जिनमें ज़नाना शामिल है।

शालीमार बाग की जलधारा का क्या नाम है?

इसे शाह नहर कहते हैं। यह जलधारा शालीमार बाग की तीनों छतों से होकर गुज़रती है।

क्या शिकारे से निशात बाग पहुँचा जा सकता है?

हाँ। ज़िला प्रशासन के अनुसार, डल झील से शिकारे के ज़रिए निशात बाग पहुँचा जा सकता है।

निशात बाग के खुलने का समय क्या है?

निशात बाग के प्रकाशित समय 9:00 AM से 7:00 PM तक हैं।

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